Company Registration Kaise Kare | Online Registration Process | Udyam and GeM Registration Guide

Company Registration Kaise Kare | Online Registration Process | Udyam and GeM Registration Guide

Published on November 20, 2025

भारत में बिज़नेस शुरू करने का सबसे पहला और ज़रूरी कदम है Company Registration। चाहे आप नया स्टार्टअप खोल रहे हों, सर्विस-बेस्ड बिज़नेस शुरू कर रहे हों या प्रोडक्ट मैन्युफैक्चरिंग का काम — कंपनी रजिस्ट्रेशन से आपको एक कानूनी पहचान मिलती है, जिससे आपकी वैल्यू, विश्वसनीयता और बिज़नेस ग्रोथ कई गुना बढ़ जाती है।

कई लोग सोचते हैं कि कंपनी रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया बहुत जटिल होगी, लेकिन सच्चाई यह है कि आज की डिजिटल दुनिया में कंपनी रजिस्ट्रेशन पूरी तरह ऑनलाइन और आसान प्रक्रिया बन चुकी है।

इसी प्रक्रिया को समझते समय आपको कुछ और महत्वपूर्ण रजिस्ट्रेशन भी करने होते हैं जैसे—Udyam Registration (क्योंकि लगभग हर नई कंपनी MSME के रूप में पंजीकृत होकर सरकारी लाभ लेना चाहती है) और GeM Registration, जो उन कंपनियों के लिए बेहद ज़रूरी है जो सरकारी विभागों को सामान या सेवाएँ बेचना चाहती हैं।

इसलिए आज की इस गाइड में हम आपको केवल company registration kaise kare नहीं बताएंगे, बल्कि यह भी समझाएंगे कि Company Register होने के बाद Udyam Registration और GeM Registration किस तरह आपके Business Growth, Loan Facility और Government Tenders तक पहुंच आसान बनाते हैं।

Company Registration Kya Hota Hai?

Company Registration वह प्रक्रिया है जिसके माध्यम से आपका बिज़नेस भारत सरकार (MCA – Ministry of Corporate Affairs) के साथ आधिकारिक रूप से रजिस्टर्ड हो जाता है। इसके बाद आपकी कंपनी को एक Unique CIN (Corporate Identification Number) मिलता है जिससे कंपनी की पहचान बनाई जाती है।

कंपनी रजिस्ट्रेशन क्यों ज़रूरी है?

भारत में कंपनी रजिस्ट्रेशन के कई फ़ायदे हैं:

  • कानूनी पहचान मिलती है

  • बैंक लोन और बिज़नेस क्रेडिट आसान

  • इन्वेस्टर्स आपके बिज़नेस को सीरियसली लेते हैं

  • ब्रांड वैल्यू बढ़ती है

  • लिमिटेड लाइबिलिटी प्रोटेक्शन मिलता है

  • सरकारी योजनाओं (MSME) का फायदा

  • GST Number प्राप्त कर सकती है

  • GeM Portal पर Seller बन सकती है

  • Government Tenders में भाग ले सकती है

  • Udyam Registration करवा सकती है

यही कारण है कि आज भारत में लाखों युवा अपना स्टार्टअप या SME शुरू कर रहे हैं और कंपनी registration का चुनाव कर रहे हैं।

Company Registration Kaise Kare? (Step-by-Step Process)

कंपनी रजिस्ट्रेशन के लिए भारत सरकार की Ministry of Corporate Affairs (MCA) वेबसाइट पर पूरी प्रक्रिया पूरी की जाती है।

Step 1: Decide करें कि कौन-सी Company Register करनी है

भारत में कई प्रकार की कंपनी बनाई जा सकती है, जैसे:

  • Private Limited Company

  • LLP (Limited Liability Partnership)

  • OPC (One Person Company)

  • Partnership Firm

  • Sole Proprietorship Firm
     

अधिकतर स्टार्टअप और छोटे उद्योग Private Limited Company और LLP का विकल्प चुनते हैं। क्योंकि आगे चलकर MSME का लाभ लेना हो या Udyam Registration करवाना हो, तो Pvt Ltd और LLP दोनों ही कैटेगरी के तहत आसानी से MSME benefits मिल जाते हैं।

Step 2: Digital Signature Certificate (DSC) बनवाएँ

किसी भी director को MCA forms sign करने के लिए DSC की ज़रूरत होती है। Private Limited Company में कम से कम 2 directors के DSC जरूरी हैं।

Step 3: Director Identification Number (DIN) प्राप्त करें

DIN MCA द्वारा जारी एक आइडेंटिटी नंबर है, जो यह साबित करता है कि यह व्यक्ति भारत में किसी कंपनी का डायरेक्टर बनने योग्य है। SPICe+ फॉर्म भरते समय ही आपको DIN मिल जाता है, इसलिए आपको अलग से आवेदन करने की जरूरत नहीं होती।

Step 3: Company Name Reservation 

अब आपको अपनी कंपनी का नाम चुनना होता है। नाम चुनते समय कुछ नियम हैं:

  • नाम यूनिक हो

  • पहले से किसी ट्रेडमार्क से मैच न हो

  • कंपनी के nature को दर्शाए

  • अंत में “Private Limited” या “LLP” अवश्य आए

नाम रिज़र्व होने के बाद 20–60 दिन की वैधता मिलती है।

Step 5: SPICe+ Form Fill करना — Company Registration online का Main Step

अब MCA पर SPICe+ फॉर्म भरना होता है जिसमें सभी कंपनी डिटेल्स शामिल होती हैं:

  • कंपनी नाम

  • बिज़नेस एक्टिविटी

  • डायरेक्टर जानकारी

  • registered office address

  • capital structure

  • contact details
     

इसी फॉर्म के साथ दो महत्वपूर्ण डॉक्यूमेंट भी बनते हैं:

  • MOA (Memorandum of Association)

  • AOA (Articles of Association)

दोनों कंपनी का कानूनी ढांचा और नियम निर्धारित करते हैं।

Step 5: Certificate of Incorporation (COI) प्राप्त करें

अगर आपके सभी documents सही हैं तो MCA द्वारा वेरिफिकेशन के बाद आपको मिलता है:

  • CIN Number

  • PAN Number

  • TAN Number

  • Incorporation Certificate

यानी अब आपकी कंपनी पूरी तरह रजिस्टर्ड हो चुकी है—अब आप कानूनी रूप से भारत में बिज़नेस शुरू कर सकते हैं।

Company Registration Ke Baad MSME /  Udyam Registration क्यों जरूरी है?

जैसे ही आपकी कंपनी रजिस्टर होती है, आपको सबसे पहले Udyam Registration जरूर करवाना चाहिए क्योंकि यह छोटे और मध्यम व्यवसायों (MSME) के लिए सुरक्षा कवच का काम करता है।

Company Registration केवल आपकी कानूनी पहचान बनाता है,  लेकिन Udyam Portal Registration 

आपको MSME Benefits देता है:

  • MSME Loan सस्ता मिलता है

  • कम ब्याज दर

  • Government Subsidy

  • Electricity Bill Subsidy

  • ISO Certification Subsidy

  • GeM Tender में preference

  • देश की कई सरकारी स्कीम केवल MSME के लिए ही होती हैं

इसलिए कंपनी रजिस्ट्रेशन पूरा होने के तुरंत बाद सभी कंपनी मालिक MSME certificate लेने के लिए Udyam Registration करवाते हैं।

MSME / Udyam Registration Kaise Kare?

Udyam Registration Portal पर जाएं:  https://udyamregistration.gov.in

कंपनी पहले से MCA में registered है, इसलिए Udyam Registration करना बहुत आसान है। आपको केवल ये तीन चीज़ें चाहिए:

  • Company का PAN

  • GST Number

  • Director का Aadhaar

इन विवरणों को भरकर आप अपना Udyam Certificate प्राप्त कर सकते हैं।

Company Registration के बाद GeM Registration कैसे जुड़ता है?

अगर आपकी कंपनी सरकारी विभागों को सामान, सेवाएँ, कंसल्टिंग, सॉफ्टवेयर या मैन्युफैक्चरिंग प्रोडक्ट बेचना चाहती है—तो Company Registration के बाद आपको GeM Portal Registration भी करना होता है।

क्योंकि GeM (Government e-Marketplace) पर आप Government Departments को अपनी Product या Service बेच सकते हैं।

GeM Registration Ke Benefits:

  • लाखों Government Buyers

  • Zero Commission

  • तेजी से Payment

  • Online Bidding

  • Small Businesses के लिए आसान प्रक्रिया

यह दर्शाता है कि Company Registration सीधे GeM Registration से जुड़ा हुआ है। Government tenders में Udyam का फायदा केवल Registered Company को ही मिलता है।

GeM Registration Kaise Kare? 

कंपनी रजिस्टर होने के बाद GeM पर Seller Registration आसान है:

  1. Visit GeM Portal: https://gemonlineportal.grih.in/

  2. ‘Seller Registration’ पर क्लिक करें

  3. Company Registration Certificate Upload करें

  4. PAN, Aadhaar, Bank Details

  5. Udyam Certificate Upload करें

इसके बाद आप Government Buyers के लिए Product Listing और Bidding शुरू कर सकते हैं। 

Company Registration Ke Documents 

कंपनी रजिस्टर कराने के लिए जरूरी Document:

Directors के Document

  • PAN

  • Aadhaar

  • Email

  • Mobile

  • Photo

  • Address Proof (Bank Statement या Electricity Bill)
     

Office Address Proof

  • Rent Agreement/Registry

  • Electricity Bill

  • NOC

इन्हीं डॉक्यूमेंट्स का उपयोग आगे Udyam Registration और GeM Registration में भी किया जाता है, इसलिए सभी डॉक्यूमेंट साफ और अपडेटेड होने चाहिए।

कंपनी रजिस्ट्रेशन कितने प्रकार के होते हैं?

भारत में मुख्य रूप से ये प्रकार होते हैं:

  1. Private Limited Company

  2. One Person Company (OPC)

  3. LLP – Limited Liability Partnership

  4. Partnership Firm

  5. Sole Proprietorship

लेकिन सबसे ज्यादा लोग Private Limited Company और LLP को चुनते हैं क्योंकि इनका Trust Level और Benefits अधिक होते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1. किसी कंपनी का रजिस्ट्रेशन कैसे होता है?

कंपनी का रजिस्ट्रेशन MCA पोर्टल पर SPICe+ फॉर्म भरकर, आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड कर और नाम अनुमोदन लेकर ऑनलाइन किया जाता है।

2. कंपनी रजिस्ट्रेशन की फीस कितनी है?

कंपनी रजिस्ट्रेशन की औसत फीस ₹6,000 से ₹15,000 तक होती है, जो राज्य, प्रोफेशनल चार्ज और कंपनी के प्रकार पर निर्भर करती है।

3. हम कंपनी कैसे रजिस्टर करते हैं?

आप MCA की वेबसाइट पर जाकर DSC, DIN, Company Name Approval और SPICe+ फॉर्म की प्रक्रिया पूरी करके कंपनी को ऑनलाइन रजिस्टर कर सकते हैं।

4. नई कंपनी खोलने के लिए क्या करना चाहिए?

नई कंपनी खोलने के लिए DSC बनवाएं, DIN प्राप्त करें, कंपनी नाम आरक्षित करें, SPICe+ फॉर्म भरें और Incorporation Certificate प्राप्त करें।

निष्कर्ष

अगर आप भारत में बिज़नेस शुरू करना चाहते हैं तो Company Registration पहला और सबसे महत्वपूर्ण कदम है।  यह आपकी बिज़नेस पहचान बनाता है, आपको बैंक लोन, निवेशक, सरकारी फायदों और मार्केटिंग में मजबूत बनाता है।

रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद Udyam Registration करना जरूरी है ताकि MSME benefits मिल सकें, और अगर आपकी कंपनी सरकारी विभागों को प्रोडक्ट या सेवा बेचना चाहती है तो GeM Registration आपको सरकारी बाज़ार तक पहुँचाता है।

यानी आज के समय में  Company Registration + Udyam Registration + GeM Registration तीनों मिलकर आपके बिज़नेस को एक मजबूत दिशा देते हैं।

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